इस ज़िले से लगातार आ रहे है भ्रष्टाचार के मामले,वायरल वीडियो।

सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बावजूद भी कुछ अफसर अपने पुराने ढर्रे पर ही काम कर रहे हैं, और सरकार को बदनाम करने के लिए भ्रष्टाचार में पूरी तरीके से लिप्त हैं। बस्ती जनपद का कुदरहा ब्लॉक इन दिनों काफी चर्चा में है। हाल ही में अभी एक टॉयलेट रूम में दो-दो सीट लगाने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था, कि अब कुदरहा ब्लॉक की खंड विकास अधिकारी और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें बीजेपी के नेता कुदरहा ब्लॉक की बीडीओ पर 10 परसेंट का कमीशन लेने का आरोप लगा रहे हैं। एक चौपाल के दौरान भरे मंच से बीजेपी के नेता और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष ब्रह्मदेव यादव ने आरोप लगाया कि प्रधानों के द्वारा मनरेगा के किसी भी फाइल के स्वीकृत के नाम पर कुदरहा ब्लॉक के वीडियो से लेकर अन्य कर्मचारी 20 परसेंट का कमीशन लेने के बाद ही किसी फाइल को स्वीकृत करते हैं। साथ ही वह यह दावा कर रहे हैं कि अगर उनकी बातों में जरा सा भी झूठ हो तो वह जेल जाने को भी तैयार है। बता दें कुदरहा ब्लाक के ग्राम पंचायत बैसिया कला में सुशासन सप्ताह के तहत प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भवन में चौपाल आयोजित की गई। जिसमें कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि व भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव यादव देवा ने खुले मंच से बीडीओ कुदरहा के समक्ष मनरेगा योजना के कार्यों में धन उगाही व बिना कार्य कराएं भुगतान के आरोप लगाए। वहीं खुले मंच से आरोपों को सुनकर तिमिलाई बीडीओ ने पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष से बहस की। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ने बीडीओ को मौके पर मनरेगा के कार्यों को भी दिखाया। मौके पर कार्य न होने पर धन की रिकवरी कराने की बात कहीं। वहीं ब्लॉक के बैसिया कला ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में चौपाल लगी। चौपाल कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकार की योजनाओं आवास, शौचालय, आयुष्मान भारत योजना, परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प जैसी योजनाओं को लेकर ग्रामीणों से बात की। कार्यक्रम में बैसिया कला गांव निवासी भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव यादव देवा ने ही खुले मंच से बीडीओ कुदरहा की भ्रष्टाचार की पोल खोला। कहा कि मनरेगा योजना में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। बिना कार्य कराए ही भुगतान हो गया है। आवास लाभार्थियों से 20-20 हजार रुपये लिए गए हैं। इस आरोप पर चौपाल में बैठे अन्य ग्रामीणों ने भी हाथ उठाकर समर्थन किया। ग्राम प्रधान ने कहा कि ब्लाक में कमीशन देने के बाद ही कार्यों की स्वीकृति व भुगतान होती है। बिना कमीशन दिए किसी कार्य की स्वीकृति नहीं की जाती है। गांव के लोगो ने बताया कि छुट्टा पशु अधिक होने के कारण फसल बर्बाद हो जा रहा है। इसी के चलते धान की रोपाई भी नहीं की गई थी। लोगो ने आयुष्मान कार्ड न बनाने की शिकायत की जिस पर बीडीओं ने कहा कि अंतोदय कार्ड धारक पंचायत सहायक से मिलकर कार्ड बनवा लें।

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