46 साल बाद भी नहीं मिला न्याय...नगर आयुक्त की सरकारी गाड़ी के कुर्की के आदेश।

बरेली जनपद में टैक्स विवाद न सुलझाने पर लघुवाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि नगर आयुक्त बरेली निधि गुप्ता वत्स की सरकारी वाहन कुर्क करने का आदेश दिया है। लघुवाद न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा 46 साल की अवधि के बाद भी पीड़ित को न्याय न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए नगर निगम की चल संपत्ति को कुर्क किया जा सकता है। ताकि न्याय में लोगों का विश्वास बना रहे। कोर्ट ने शहर अमीन को आदेश दिया कि 20 अप्रैल से पहले नगर आयुक्त की सरकारी कार यूपी 24 एक्यू 9047 कुर्क कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए। कोर्ट में अगली सुनवाई 20 अप्रैल की तारीख तय की है। आपको बता दें कि बरेली जनपद के वर्ष 1977 में किला के इंग्लिशगंज निवासी रामवती की दुकान पर नगर महापालिका ने 1440 रुपये का टैक्स लगाया था। अतिरिक्त टैक्स के विरुद्ध एक परिवार 46 वर्ष भटक रहा है। मगर उसे न्याय नहीं मिल लाया। दुकान मालिक महिला उम्र भर कार्यालयों के चक्कर लगती रही। महिला की मौत के बाद बेटे ने न्याय की लड़ाई शरू करी ताकि न्याय मिल सके, मगर अब कोर्ट ने न्याय दिया है। कोर्ट ने आदेश की लगातार अवहेलना होती रही। मंगलवार को लघुवाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने इस रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स का सरकारी वाहन कुर्क करने का आदेश दे दिया और कहा है कि इतनी अवधि के बाद भी पीड़ित को न्याय न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे में नगर निगम की चल सम्पत्ति कुर्क की जाए। बताते चलें कि यह प्रकरण वर्ष 1977 का है। किला के इंग्लिशगंज निवासी रामवती की दुकान पर नगर महापालिका ने टैक्स लगाया था। टैक्स ज्यादा जमा करने के विरुद्ध कई बार प्रार्थना पत्र दिये गए। मगर किसी ने एक न सुनी। कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद जाकर सुनवाई के बाद साल 2007 में कोर्ट ने 150 रुपये सालाना मूल्याकंन साथ शेष कर मुक्त कर दिया था। इस बीच रामवती का निधन हो गया तो बेटे गोपालदास ने पैरवी शुरू की। वर्ष 2009 में आदेश का अनुपालन न होने पर फिर कोर्ट पहुंचे। तब से प्रकरण में लगातार सुनवाई चल रही थी। इतनी अवधि बीतने के बाद नगर निगम ने अपनी ओर से आपत्ति तक दर्ज नहीं की। प्रकरण के समाधान के प्रयास नहीं किए। नोटिस के बाद वर्ष 2014 में नगर निगम ने एक बार आपत्ति दर्ज कराई गई, लेकिन उसके बाद पक्ष नहीं दिया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान लघुवाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि अपील कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए नगर निगम की चल संपत्ति को कुर्क करना आवश्यक है। ताकि न्याय में लोगों का विश्वास बना रहे। उन्होंने शहर अमीन को आदेश दिया कि 20 अप्रैल से पहले नगर आयुक्त की सरकारी कार यूपी 24 एक्यू 9047 कुर्क कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। अग्रिम सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की गई है। इस संबंध में नगर आयुक्त का कहना है कि यह पूरा प्रकरण सामने आ गया है। इस प्रकरण में विधिक व्यवस्था के तहत जो हुआ है वही विधिक राय लेने के बाद निस्तारण किया जाएगा,यह प्रकरण मेरे कार्यकाल का नही है।


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